सबरीमाला मामले पर केरल में आरएसएस- भाजपा की दंगाई रणनीति हुई बेनक़ाब

मलयालम टीवी चैनलों द्वारा जारी किये गए एक वीडियो क्लिप से केरल में संघ और भाजपा की दंगाई रणनीति पूरी तरह से बेनक़ाब हो गयी है। कोझिकोड में भारतीय जनता युवा मोर्चा के एक कार्यक्रम में भाजपा का राज्य अध्यक्ष श्रीधरन पिल्लई शेखी बघारते हुए यह बोल रहा है की सबरीमाला पर हर किसी ने भाजपा की रणनीति के सामने घुटने टेक दिए हैं। इतना ही नहीं ये भी साफ़ हो चुका है कि महिलाओं के प्रवेश पर मंदिर को बंद करने की धमकी देने वाला मंदिर का मुख्य पुजारी भी भाजपा नेता के संपर्क में था। याद हो कि मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने इस पुजारी की कोर्ट के फैसले को धता बताने की कोशिश पर दो टूक कह दिया था कि मदिर जनता की सम्पत्ती है और न कि किसी पुजारी की बपौती। विजयन ने ये भी कहा था कि पुजारी त्रावणकोर मंदिर बोर्ड का एक कर्मचारी भर है।

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भाजपा अध्यक्ष इस वीडियो में कह रहा है कि ” सबरीमाला एक सुनहरा मौका है। इस मामले को सीधे तरीके से हल करना नामुमकिन है। हमने एक एजेंडा रखा और बाकी सबने इसके सामने घुटने टेक दिए और आमने-सामने बस हम हैं और दूसरी तरफ सरकार और उसमें मौजूद पार्टियां। ”

श्रीधरन ने ये भी कहा कि भाजपा ने पूरे मामले पर विरोध की उच्च स्तर पर योजना बनाई थी। ” भाजपा के हमारे सचिव पहले से ही तय एक जगह पर गए थे और उन्होंने योजना के तहत काम को अंजाम दिया। बाहर की दुनिया ये सब नहीं जानती , पर सच्चाई तो यही है कि जब आईपीएस श्रीजीत दो महिला पत्रकारों के साथ वहां पहुंचा तब युवा मोर्चा के नेता ने वहां श्रद्धालुओं को लामबंद करके उसे रोका था। ”

भाजपा अध्यक्ष ने इस बात से भी पर्दा उठा दिया कि मंदिर का दरवाज़ा बंद करने की बात करने से पहले मंदिर के मुख्य पुजारी ने उसे फोन किया था और पूछा था कि ऐसा करना कोर्ट की अवमानना तो नहीं होगी।

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साफ़ है कि सबरीमाला मामले के नाम पर केरल के धर्मनिरपेक्ष समाज को बांटने की कोशिश में आरएसएस और भाजपा ने अपना पूरा जोर लगा रखा है। भाजपा अध्यक्ष की ये बात भी सही है कि बाकी सबने घुटने टेक दिए हैं और मैदान में बस वे हैं और दूसरी तरफ हैं कम्युनिस्ट पार्टियां तथा उसके जन संगठन। कांग्रेस ने जिस तरह से पूरे मामले में रुख दिखाया है उस से साफ़ है कि उसमें न तो भाजपा के एजेंडे का मुकाबला करने की ताकत है और न ही राजनितिक इच्छाशक्ति।

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