आगे बढ़ो कामरेडों ! आने वाला वक़्त तुम्हारा होगा ! : राकेश सिंघा

आज से शिमला में  SFIका 16 वां भारतीय सम्मलेन शुरू हुआ है। Socialist India इस सम्मलेन के उदघाटन सत्र में हिमाचल में लाल झंडे के सबसे बड़े जननेता , ठियोग से विधायक और सम्मलेन की रिसेप्शन कमिटी के चेयरमैन राकेश सिंघा के भाषण का हिंदी अनुवाद छाप रहा है।

44999802_10158063565009012_8192023485686480896_n

 

शिमला में SFI के 16 वें अखिल भारतीय सम्मलेन के लिए देश भर से आए हुए तमाम डेलिगेट साथियों का मैं स्वागत करता हूँ। मैं स्वागत करता हूँ पश्चिम से आए हुए कामरेडों का , पूर्व और दक्षिण से आए हुए कामरेडों का और उनका जो देश के मध्य भाग से यहाँ आए हैं। वे उन इलाकों से आए हैं जहाँकि इस वक़्त तापमान 30 डिग्री सेंटीग्रेड है।  भारतीय मौसम विभाग ने भविष्यवाणी की है कि अगले 2 दिन में एक पश्चिमी दबाव के चलते तापमान में भारी गिरावट होने वाली है। पर, मुझे पूरा विश्वास है कि आपके सम्मलेन के चर्चा की गर्मी और ऊर्जा इस ठण्ड को परास्त कर देगी। स्वाधीनता, जनवाद और समाजवाद का आपका नारा जो यथास्थिति को चुनौती देता है , वो मौसम के इन चुनौतियों को भी परास्त करेगा।
आज से 40 साल पहले 1978 में मैं स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ़ इंडिया का सदस्य बना था और तब से लेकर अब तक एक बार भी पीछे नहीं मुड़ा। मेरा सबकुछ इसके चलते ही है। मैं इसका ऋणी हूँ और ऋण इतना बड़ा है कि मैं इसे कभी वापस नहीं चुका सकता। मेरी वैज्ञानिक चेतना , धर्मनिरपेक्ष- जनवादी दृष्टि , गरीबों-पिछड़ों , दलितों-आदिवासियों के लिए मेरी चिंता, मेहनत करने की ललक ललक और सबसे बढ़कर क्रांतिकारी उत्साह – ये सब मुझे SFI  ने ही दिया। मैं रिसेप्शन कमेटी की तरफ से आपके सम्मलेन को शुभकामना देने के मेरे मुख्य विषय से मैं भटकना नहीं चाहता , इसलिए आपके सामने मौजूद मुख्य चुनौतियों को बेहद ही छोटे में रख रहा हूँ।

 

आज़ाद भारत के इतिहास में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ कि असहिष्णुता और भीड़तंत्र किसी सरकार का मूल सिद्धांत बन गया हो। लोग सड़कों पर भीड़ के हाथों क़त्ल हो रहे हैं और जब उनकी पहचान पता करने की कोशिश की जाती है तो पता लगता है कि वो अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले थे और उनकी हत्या बस इसलिए हो गयी क्योंकि वो मुसलमान थे। आरएसएस रोज अपनी शाखाओं में सीखा रहा है कि मुसलमान इस देश के गद्दार हैं और उन्हें देश के बाहर निकाल दिया जाना चाहिए। वह मनुस्मृति के उपदेश सिखा रहा है जो कहता है कि दलितों और महिलाओं की हैसियत दोयम दर्जे के नागरिकों की है। भाजपा के राष्ट्रिय अध्यक्ष अमित शाह की इतनी हिम्मत है कि वो केरल जाकर सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लागू न होने देने की बात कर आता है।
उनके लिए संविधान कुछ भी नहीं है। वह उनके लिए बस कागज़ का एक टुकड़ा है। जिस भारत की कल्पना उन्होंने की थी उसे हमारे स्वाधीनता संग्राम ने खारिज किया था। उनकी विचारधारा का पूरे स्वाधीनता आंदोलन में एक भी शहीद नहीं है। उनके पास है गोडसे- महात्मा गाँधी का हत्यारा। याद रखो कि उनका भारत भगत सिंह, शिवराम राजगुरु और सुखदेव थापर का भारत नहीं है। उनका भारत वह भारत नहीं है जिसके लिए अस्फाकुल्लाह खान और रामप्रसाद बिस्मिल ने अपने जीवन का सर्वोच्च बलिदान दिया था। यह अरुणा आसफ अली और लक्ष्मी सहगल का भारत नहीं है, जिन्होंने भगत सिंह और उनके साथियों के सपने पूरे करने के लिए लाल झंडा उठाया। वे खुदीराम बोस , चंद्रशेखर आज़ाद और राजेंद्र लाहिरी जैसे अनगिनत योद्धाओं की याद को मिटा नहीं सकते। इन जैसे लोगों के जीवन और संघर्षों से हम प्रेरणा लेते हैं। यही वो प्रेरणा है जो हमें इनके सपनों का भारत बनाने की ओर आगे बढ़ाता है।
शिमला अंग्रेज़ों की गर्मियों की राजधानी थी। हमारा आंदोलन यहाँ कमज़ोर है। हाँ, विश्वविद्यालय में 1980 से ही SFI लगातार मौजूद है और तब से लेकर अब तक कोई भी विचारधारा वो जगह नहीं ले सकी है जो इसने खुद के लिए बनाया है। ये भी है कि इस शहर के पहले और आखिरी चुने हुए मेयर और डिप्टी मेयर भी हमारे रहे हैं। हाँ, हमारा आंदोलन यहाँ कमजोर है और हम इसे बढ़ाने के प्रयासों में लगे हुए हैं। जनवादी आंदोलन के कमजोर होने के चलते हमें संसाधनों की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है , और हम केवल इच्छाशक्ति के बूते हम इस सम्मलेन को बनाने और यहाँ आपके समय को आरामदायक बनाने के लिए मेहनत कर रहे हैं। मैं आपके सम्मलेन को सफलता की सारी शुभकमनायें देता हूँ।

आगे बढ़ो कामरेडों !
आने वाला वक़्त तुम्हारा होगा !
SFI ज़िंदाबाद ! स्वाधीनता , जनवाद , समाजवाद ज़िंदाबाद!

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s